Tuesday, 18th September, 2018

चलते चलते

कंपनी कैंपस के बाहर चाय की दुकान ना मिलने पर युवक ने डेढ़ करोड़ की नौकरी ठुकराई

12, Jul 2018 By Guest Patrakar

बेंगलुरु. आपने लोगों को कम सैलरी या बेकार बॉस के चक्कर में जॉब को ठुकराते हुए तो बहुत देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी किसी को ऑफ़िस के बाहर चाय की टपरी ना होने की वजह से नौकरी ठुकराते हुए देखा है? जी हाँ, बेंगलुरु के गूगल ऑफ़िस में एक युवक ने नौकरी को केवल इसलिए ना कह दिया क्योंकि उनके ऑफ़िस के बाहर चाय की दुकान नहीं थी! सबसे बड़ी बात ये है कि कंपनी ने युवक को डेढ़ करोड़ का ऑफर दिया था, फिर भी लड़का नहीं माना!

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बिना चाय के कुछ नहीं करता मंगलेश

गूगल ऑफिस में ‘HR’ कृष्णाभट्ट शास्त्री ने बताया कि “यूँ तो मैं हर रोज़ कई फ्रेशर्स के इंटरव्यू लेता हूँ, लेकिन उस जैसा बंदा मैंने आज तक नहीं देखा! लोग हमारी कंपनी में काम करने के लिए कोई भी शर्त मानने को तैयार हो जाते हैं, एक बार तो एक युवक ने ‘लव स्टोरी 2050’ तक देखने का वादा कर दिया था! मगर इस बंदे ने तो मुझे और पूरे ऑफ़िस को हिला कर रख दिया!”

“उसका नाम मंगलेश शेट्टी है, दिखने में तो होनहार लग रहा था! हमने तो उसे बिना इंटरव्यू के ही नौकरी पर रखने का सोच लिया था! मगर उसने तो जैसे हमारे ऊपर बिजली ही गिरा दी। पूरी बातें और सैलरी पक्की करने के बाद उसने हमसे पूछा कि यहाँ पर चाय की दुकान कहाँ है? हमने उसे बताया कि चाय की दुकान तो नहीं है, मगर ऑफ़िस में मुफ़्त की स्टारबक्स की कॉफ़ी ज़रूर मिलती है! इतना सुनते ही उसने हमें नौकरी लेने से मना कर दिया। हमें लगा वो मज़ाक़ कर रहा है, मगर जब वो उठकर चला गया तो हमें पता चला कि वो तो सीरीयस एकदम सीरियस है! हमने उसे रोकने की बहुत कोशिश की मगर वो रुका ही नहीं! मूर्ख!”

एक पक्ष की बात सुनने के बाद दूसरे पक्ष की ना सुनना नाइंसाफ़ी होती, इसलिए हमने मंगलेश से भी इस बारे में बातें की। उसका कहना है कि “जी हाँ, यह बात सच है कि मैंने चाय की दुकान ना होने की वजह से ही नौकरी को लात मारी है! दरअसल, मैं इंजीनियर हूँ और कॉलेज के दिनों से ही चाय का शौक़ीन रहा हूँ! एक इंजीनियर को ‘चाय’ और ‘गोल्ड फ़्लेक’ उतने ही प्यारे होते हैं, जैसे एक क्रिकेट प्रेमी को ‘धोनी’! ऐसे में अगर कोई मुझे चाय से समझौते के लिए पचास करोड़ भी दे दे तो मैं लेने से इनकार कर दूँगा!”

मंगलेश के इस कारनामे से पूरे सोशल मीडिया पर धूम मच गयी है। जहाँ एक तरफ़ लोग उसके इस साहस की तारीफ़ कर रहे हैं, वहीं कई लोग उसे सरफिरा भी कह रहे हैं। एक आदमी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि “मंगलेश की नौकरी मुझे दे दो सालों! भले ही बदले में करेले का जूस पिला लेना!” वहीं एक और शख़्स ने लिखा है कि “मंगलेश देढ़ करोड़ में से अगर पचास हज़ार मुझे दे-दे तो मैं ख़ुद अपने हाथ से उसे सारी ज़िंदगी चाय बनाकर पिलाऊँगा!”

सूत्रों की मानें तो तो मंगलेश अगले हफ़्ते एक बार और इंटरव्यू देने वाला है। इस बार उसके लिए गूगल ने ऑफ़िस के बाहर चाय की टपरी नहीं बल्कि पूरी की पूरी चाय की खेती करने का फ़ैसला किया है। पाँच करोड़ तक का पॅकेज होगा और इंटरव्यू लेने खुद सुंदर पिचई बेंगलुरु आएँगे! अब ऐसे में यह देखना होगा कि क्या इस बार मंगलेश नौकरी के ऑफ़र को स्वीकार कर लेते हैं, या इस बार भी किसी और वजह से गूगल को मुँह की खानी पड़ती है।



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