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जब कोई लोन मांगने आता था तो हम मना नहीं कर पाते थे क्योंकि हमारा नाम 'Yes Bank' है: पूर्व MD ने किया दावा

06, Mar 2020 By Ritesh Sinha

मुंबई. निजी क्षेत्र की दिग्गज बैंक ‘Yes Bank’ पिछले कुछ दिनों से खराब दौर से गुजर रही है, जल्दी तरक्की करने के चक्कर में बैंक ने ऐसी कंपनियों को कर्ज बाँट दिए जिन्हें SBI भी कर्ज देने से मना कर देता था! नतीजा ये हुआ कि बैंक की सारी जमा पूंजी NPA में तब्दील हो गयी और कंपनी के शेयर धड़ाम से गिरते चले गये।

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नाम में ही खराबी है!

इस बीच यस बैंक के पूर्व MD राणा कपूर ने फ़ेकिंग न्यूज से बात करते हुए दावा किया है कि यस बैंक की माली हालत के पीछे उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि, “जिसे देखो वो मुँह उठाकर मुझे दोषी ठहरा देता है, जबकि मैंने कुछ नहीं किया था! दरअसल बैंक के नाम में ही खराबी है- Yes Bank, ये भी कोई नाम है!

माना कि ये बैंक मैंने ही शुरू किया था लेकिन बाकी के बोर्ड मेंबर क्या कर रहे थे, उन्होंने इस नाम का विरोध क्यों नहीं किया? Yesss…. bank नाम लेने भर से ही ‘हाँ-हाँ’ टाइप की आवाज आती है, यही वजह है कि हमारे बैंक में जो भी लोन मांगने आता था हम मना नहीं कर पाते थे!

इसी कमजोरी का फायदा उठाकर, जिनके पास ढाई डिसमिल जमीन भी नहीं थी वो भी हमसे करोड़ों रुपये का कर्ज ले गये! SBI वाले तो फिर भी ‘लंच के बाद आना’ कहकर बच निकलते, हमें तो ये कहना भी नहीं आता था!” -कपूर साब ने आगे बताया।

“..तो बैंक को पटरी पर लाने के लिए क्या करना चाहिए, आपके हिसाब से?” -ऐसा पूछे जाने पर उन्होंने सुझाव दिया कि, “जब तक बैंक का ‘नाम’ बदलकर कुछ और नहीं किया जाता, तब तक कोई फायदा नहीं होगा! कुछ दिन तक ‘No Bank’ नाम रख दो, फिर देखो कंपनी कैसे सरपट दौड़ती है! ये LIC और SBI का पैसा इसमें डालने से कुछ नहीं होगा!” -कहते हुए वे उठकर चले गये।



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