Tuesday, 22nd October, 2019

चलते चलते

किसी ने मुझे बताया कि ई-सिगरेट बैन करने से अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी इसलिए बैन कर दिया: निर्मला सीतारमण

19, Sep 2019 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर कुछ करे या ना करे, लेकिन कुछ करती हुई नज़र जरूर आना चाहती है, यही वजह है कि अचानक ‘ई-सिगरेट’ पर प्रतिबंध लगाने का एलान कर दिया गया है। इस अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ई-सिगरेट पीने, बेचने या परिवहन करने पर एक से तीन साल की सजा भी हो सकती है।

nirmala
अच्छा किया ना?

वित्त मंत्री निर्मला सीताराम ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, “देखिए! हम पिछले कुछ दिनों से इकॉनमी को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे हैं, इसी कड़ी में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है! किसी ने मुझे बताया कि ई-सिगरेट पर बैन लगाने से अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी इसलिए मैंने बैन लगा दिया!

आपने वो गाना तो सुना ही होगा, “हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया..!” बस हमने भी इकोनॉमी का सारा फ़िक्र, ई-सिगरेट के धुएँ में उड़ा दिया!”

इसी की वजह से ‘किरपा’ आ नहीं रही थी, अब किरपा छप्पर फाड़कर आएगी! वैसे भी इस ऑनलाइन सिगरेट से ज्यादा लोग मर भी नहीं रहे थे, ऐसे नशे का क्या फायदा जो इंसानों को रगड़ती भी ना हो! इसलिए इससे छुटकारा पा लेना ही उचित था!” -निर्मला जी ने आगे बताया।

“उधर, ई-सिगरेट को बैन करने से अर्थव्यवस्था को फायदा होता है!” -यह साबित करने का काम सरकार ने प्रकाश जावड़ेकर को सौंप दिया है क्योंकि वो भी उस प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

जावड़ेकर साब ने देश की मिट्टी माथे पर लगाते हुए कसम खाई है कि वो अपना काम एक महीने में ही पूरा कर देंगे, वो साबित कर देंगे कि ई-सिगरेट का इकोनॉमी से लेना-देना होता है और इसे बैन करने पर फायदा भी होता है!



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