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युवक ने Swiggy से आर्डर किये गए खाने के डिब्बे का टेप निकालने में ही निकाल दिया आधा लॉकडाउन

07, May 2020 By Rupesh Yadav

बेंगलुरु. प्रधानमंत्री ने जैसे ही लॉकडाउन का एलान किया, देशवासियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि लोग घर में समय व्यतीत कैसे करेंगे? पूरा देश इस प्रश्न का उत्तर ढूँढ रहा था लेकिन बैंगलोर के रहने वाले नीरज घड़ीवाला को इससे कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि नीरज का आधा समय तो Swiggy से प्राप्त भोजन के डिब्बे का टेप खोलने में ही बीत जाता है।

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इसी टेप को दिन भर निकालता रहता है नीरज

अट्ठाइस साल का नीरज एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है और अपने आप को ‘टाइम मैनेजर’ बताता है। अप्रैल के पहले हफ्ते में ही उसके इंस्टाग्राम पोस्ट्स पर लाइक्स आना बंद हो गए थे, केक के लिए बेकिंग पाउडर भी ख़त्म हो चुका था और meme बनाने के लिए कोरोना के अलावा कोई मुद्दा नहीं मिल रहा था।

ऐसे कठिन समय में नीरज ने Swiggy के सहारे बड़ी आसानी से पूरा अप्रैल निकाल दिया, बिना दिमाग लगाए और बिना बोर हुए। वो दिन में एक बार Swiggy से खाना आर्डर करता और खाना डिलीवर होते ही उस डिब्बे में चिपके टेप को खोलने में लग जाता।

शुरुआत में काफी दिक्कतें हुईं, नॉश्ते का आर्डर खोलते-खोलते dinner का टाइम हो जाता था पर अब नीरज एक्सपर्ट हो चुका है, 5-6 घंटो में ही पनीर-बटर मसाला डिब्बे से निकाल लेता है। यकीन मानिये, दिल और दिमाग, दोनों इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आपको टाइम का पता ही नहीं चलता, और किसी स्किल या टैलेंट की जरूरत भी नहीं, बस जरूरत है भूखे पेट की वजह से होने वाले पागलपन की!

टेप खोलना अब उसे इतना अच्छा लगने लगा है कि तीसरे लॉकडाउन में तो उसने कैंची भी फेंक दी है। वो कहता है कि प्याज की परतों को छीलने में जितना समय लगता है उससे 128 गुना ज्यादा समय Swiggy के पैकेट के टेप खोलने में लगता है।

बाकी लोग लॉकडाउन को जेल की तरह मान रहे हैं लेकिन नीरज दिन भर मस्ती में जीता है। वो इसका पूरा श्रेय Swiggy को देता है, जिन्होंने इस लॉकडाउन में उसके टाइम-पास का ख्याल रखा है।

वहीं Swiggy के मालिक ने आश्वासन दिया है कि टेप की परतें बढ़ाने की और कोशिश की जाएगी ताकि नीरज जैसे ग्राहकों को बोरियत महसूस ना हो और वे हमारी सेवा का अच्छे से लाभ उठा सकें।



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