Friday, 22nd November, 2019

चलते चलते

रंगोली स्टैम्प के चक्कर में पूरे मोहल्ले के बिल चुकाने के बाद भी हाथ लगी मायूसी, सदमे में भोपाल का युवक

31, Oct 2019 By किल बिल पांडे

भोपाल. कुछ कर गुजरने की चाहत आपको सफल बना सकती है लेकिन ज़रूरत से ज्यादा कुछ कर गुजरने को चाह आपके लिए मुसीबत भी बन सकती है। ऐसा ही कुछ हुआ भोपाल के युवक रोहन के साथ, बाईस वर्षीय रोहन पर ‘गूगल पे’ के रंगोली स्टैम्प्स इकट्ठे करने का जूनून सवार हो गया था, इसी चक्कर में वो अपनी दौलत और सुख-चैन सब कुछ लुटा बैठा।

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इसी चक्कर में फंस गया लड़का

दरअसल वो चिट फंड स्कीम की तरह, ‘गूगल पे’ के स्टैम्प इकठ्ठा करने वाली लुभावनी स्कीम के झांसे में आ गया था। यह सोच कर कि सारे स्टैम्प्स इकट्ठे होने पर ढाई सौ रूपए मिलेंगे, वो पना ढाई लाख का नुकसान करा बैठा।

रोहन के ही मोहल्ले की आंटी ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “वो दिवाली से हफ्ता भर पहले ही इस स्कीम के चक्कर में बावला हो रखा था, उसके सर पर तो ‘गूगल पे’ से पेमेंट करने का भूत ही सवार हो गया, दो दिन पहले ही सुलभ शौचालय में भी वो इसी एप्प से पेमेंट करने पर अड़ गया था!” -आंटी ने टीवी पर सास बहू के झगड़े पर टकटकी लगाते हुए कहा।

चार दिन पहले तो यह जुनून इस कदर बढ़ गया कि लड़का मोहल्ले में हर घर जाकर उनके बिल अपने एप्प से चुकाने लगा! बस, फिर क्या था, इसी चक्कर में उसने अपने अकाउंट के साथ-साथ अपने पापा के अकाउंट के पैसे भी उड़ा दिेये! रंगोली का स्टैम्प तो दूर की बात है, दस रुपये वाला छोटा कूपन तक हाथ नहीं लगा!”- आंटी ने आगे बताया।

वहीँ गूगल ने अधिकारिक बयान जारी करते हुए यह जानकारी दी है कि उसने रंगोली के स्टैम्प्स बनाये तो थे लेकिन त्यौहारी सीजन के चलते Google के HR’s ही वो स्टैम्प्स ले उड़े। अब रंगोली के लिए HR को कैसे मना करते, सो दूसरों के लिए कुछ बचा ही नहीं!” बयान के अंत में “Better luck next time..” भी बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था।

बहुत कोशिशों के बाद भी रोहन द्वारा इकट्ठे किये गए झुमके, फूल, दिये और लालटेनों को कबाड़ी वाला भी खरीदने को तैयार नहीं है। खबर लिखे जाने तक रोहन के पिताजी द्वारा उसकी धुलाई अनवरत चल रही थी।



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