Saturday, 17th November, 2018

चलते चलते

"नोटबंदी का असली मकसद बैंकों के निठल्ले कर्मचारियों को कुछ काम देना था" -जेटली

01, Sep 2018 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. नोटबंदी करने की एक के बाद एक कई वजहें बताने वाले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उसकी आज एक और वजह बता दी। उनका कहना है कि “पिछली वाली सारी वजहों को भूल जाओ, नोटबंदी की असली वजह वो है, जिसे मैं अब बताने जा रहा हूँ!”

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नोटबंदी की असली वजह बताते हुए जेटली जी

बगल में दबी बीस-पच्चीस फ़ाइलों को मेज पर रखते हुए जेटली जी बोले, “नोटबंदी की असली मकसद एक ही था और वो था सरकारी बैंकों के एम्पलॉइज से काम कराना! बस और कुछ नहीं!”

“एक्चुअली, मुझे काफ़ी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बैंक कर्मचारी सारा टाइम बैठे सॉलिटेयर खेलते रहते हैं। तो मैंने कहा कि मैं खिलाऊँगा तुम्हें सॉलिटेयर!” -उन्होंने कुटिल ढंग से मुस्कुराते हुए कहा।

इधर, जेटली जी ने ये कहा और उधर सरकारी बैंकों के कर्मचारी बुरी तरह से बिदक गये। अखिल भारतीय सरकारी बैंक कर्मचारी संघ (अभासबकस) ने इसे दुनिया के सारे बैंक कर्मचारियों का अपमान बताया है।

अभासबकस के अध्यक्ष मनोहर मित्तल ने जेटली जी पर निशाना साधते हुए कहा “वो अभी-अभी बीमारी से उठ के आये हैं, इसलिए हम कुछ उल्टा-सीधा नहीं बोलना चाहते लेकिन उन्हें भी ये नहीं भूलना चाहिए कि उनका खाता भी सरकारी बैंक में ही है। पासबुक अपडेट करने में भी नाकों चने चबवा देंगे उन्हें!”

इस बीच, पता चला है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज शाम बीजेपी के आला नेताओं की एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई है, जिसमें वो सबको हिदायत देने वाले हैं कि नोटबंदी की जो भी वजह बताएगा, वो उनसे पूछकर ही बताएगा।



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