Saturday, 17th November, 2018

चलते चलते

ऑफिस में प्रिंटर के टोनर को युवक ने कह दिया 'स्याही', बॉस ने नौकरी से निकाला

23, Aug 2018 By Ritesh Sinha

गुरुग्राम. एक मशहूर टेक कंपनी में काम करने वाले मोहित आहूजा को सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उसने प्रिंटर के टोनर को देशी भाषा का उपयोग करते हुए ‘स्याही’ कह दिया था। मोहित का यह एक्सपेरिमेंट उसके बॉस को बिल्कुल पसंद नहीं आया और उसने ‘असभ्यता’ का चार्ज लगाकर मोहित को घर पर बैठने का फरमान सुना दिया।

office printer प्रिंटर
स्याही..टोनर चेक करता मोहित

हुआ यूँ कि ऑफिस में एक डॉक्यूमेंट का प्रिंट निकालते समय मोहित को पता चला कि प्रिंटर में टोनर ख़त्म हो गया है, तो वह सीधे अपने महिला कलीग निधि के पास चला गया। उसने पेन-ड्राइव निधि को पकड़ाते हुए कहा- “इसमें जो PDF फाइल है उसका प्रिंट निकाल दो! मेरे वाले प्रिंटर में स्याही नहीं है!”

निधि को लगा कि ‘स्याही’ कोई नया-नया जॉर्गन है जो सिर्फ मोहित को पता है, वरना हम लोग तो उसे टोनर ही कहते हैं, उसने हँसते हुए पेन-ड्राइव रख लिया। इस बीच मोहित लगातार अपने प्रिंटर की बुराई कर रहा था और बार-बार टोनर को स्याही कह रहा था।

तभी निधि को शक हुआ और उसने पूछ ही लिया “ये ‘स्याही’ क्या होता है?” इसके बाद जो हुआ वो तो इतिहास ही बन गया। मोहित को असलियत बतानी पड़ी कि वो टोनर को ही स्याही-स्याही कह रहा है और दस मिनट के छोटे अंतराल में ही यह बात बॉस तक पहुँच गई।  बॉस को तो यकीन ही नहीं हुआ। उसने मोहित को जमकर फटकार लगाईं और उसे नौकरी से निकाल दिया।

मोहित के इकलौते बॉस मि. सुंदर इंकवाला ने बताया कि “देखिए! ये उसकी पहली गलती नहीं है, उस पर मेरी बहुत पहले से नज़र थी! कुछ दिन पहले मैंने उसे ‘होटऐल’ को सिर्फ ‘होटल’ और ‘टूअर’ को ‘टूर’ कहते हुए सुना था! क्या यही लैंग्वेज है एक पढ़े-लिखे इंसान की?”

“हम अपनी बातचीत को जितना हो सके भारी-भरकम बनाने की कोशिश करते हैं और ये उसे सिंपल बनाने की साजिश रच रहा है! नहीं चाहिए मुझे ऐसा एम्प्लोयी! फायर कर दिया साले को!” -कहते हुए इंकवाला जी का ‘इंक’ यानि ‘थूक’ निकलने लगा।

वहीँ, इस बारे में हमने मोहित से भी बात की। प्रिंटर और अपने बॉस पर गुस्सा निकालते हुए उसने बताया कि “एकदम घटिया प्रिंटर था भाईसाब! आए दिन खराब रहता था, चल भी जाए तो आड़ा-तिरछा छाप देता था! पेपर अंदर भी नहीं लेता था, पीछे से धक्का मारना पड़ता था! ऊपर से बॉस कहता है कि स्याही नहीं ‘टोनर’ कहो! आग लगे ऐसी नौकरी को!”



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